छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी लड़ाई का ड्रामा, भाजपा विधायक ने उठाए 3200 करोड़ के घोटाले और अध्यक्ष पद विवाद के आरोप

रायपुर| छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में कोई एकता नहीं है और नेताओं के बीच आपसी लड़ाई जारी है।

विधायक मिश्रा ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है, लेकिन कार्यकारिणी तक नहीं बन पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेता आपस में टकरा रहे हैं। मिश्रा के अनुसार, “टीएस सिंहदेव कहते हैं कि मैं अध्यक्ष बनना चाहता हूँ, अमरजीत कहते हैं कि मैं बनना चाहता हूँ, और दीपक बैज चाहते हैं कि मैं अध्यक्ष बना रहूँ। जनता को भ्रमित करना ठीक नहीं है।”

पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर 3200 करोड़ के घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसका बंटवारा न होने की वजह से पार्टी में आंतरिक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा का एजेंडा है कि भारत कांग्रेस मुक्त हो और सनातन का राज चले।

भाजपा विधायक ने पार्टी की मजबूती पर भी जोर देते हुए कहा, “बीजेपी कहीं कमजोर नहीं है। छत्तीसगढ़ से लेकर बंगाल तक हमारी सरकार है। हाल ही में बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हुआ। भाजपा ने भारत को पाकिस्तान बनने से बचाया।”

वहीं, कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने हसदेव अरण्य के केते एक्सटेंशन को लेकर FAC को पत्र लिखा है। पुरंदर मिश्रा ने इस मामले में कहा कि इस विवाद की शुरुआत 2018 में हुई थी और इसके बारे में सभी जानते हैं।

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