बांग्लादेश | बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। देश के 61 जिलों में संक्रमण फैल चुका है और अब तक कुल 45,498 लोग संक्रमित पाए गए हैं। पिछले 24 घंटों में 12 बच्चों की मौत हुई, जिनमें से 5 मौतें राजधानी ढाका में दर्ज की गई हैं।
Directorate General of Health Services (DGHS) के अनुसार, अब तक खसरे से कुल 300 से अधिक मौतें हुई हैं, जिनमें 57 की आधिकारिक पुष्टि हुई है और 279 संदिग्ध माने जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश प्रभावित लोग बच्चे हैं और उनकी प्रतिरक्षा कमजोर है।
15 मार्च से लगातार खसरे के मामले सामने आ रहे हैं। इस दौरान 31,912 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 28,238 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। पिछले 24 घंटे में सामने आए 1,238 नए संदिग्ध मामले संक्रमण की गंभीरता को दर्शाते हैं।
टीकाकरण अभियान में देरी भी बड़ी वजह रही है। बांग्लादेश सरकार ने पिछले महीने आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया, लेकिन कोरोना महामारी और राजनीतिक बदलाव के कारण वैक्सीनेशन कार्यक्रम प्रभावित हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरिम सरकार के दौरान टीकों की खरीद में देरी और वैक्सीन स्टॉक खत्म होने के कारण अभियान समय पर शुरू नहीं हो सका।
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से तेजी से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सूखी खांसी, बहती नाक, आंखों में लालिमा और मुंह के अंदर सफेद दाग शामिल हैं। अधिकांश बच्चे 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण, संक्रमित व्यक्ति से दूरी और साफ-सफाई बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों के टीकाकरण में देरी न करें और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतें।