यूपी के कुशीनगर स्थित ग्रीनलैंड इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को अचानक धुआं भरने से वहां मौजूद 25 बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों को सेवरही सीएचसी भेजवाया गया। गंभीर 11 बच्चों को पडरौना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां से तीन बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य का पीआईसीयू में इलाज चल रहा है। स्कूल के पीछे झाड़ियां जलाने से धुएं का गुबार स्कूल में पहुंचा। पुलिस ने झाड़ी जलाने वाली महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। छुट्टी के दिन स्कूल खोलने पर प्रबंधन को नोटिस देने के साथ ही मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
ग्रीनलैंड इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी थी। प्रबंधक ने कुछ बच्चों को प्रमाणपत्र वितरण के लिए बुलाया था। दोपहर करीब 12 बजे के आसपास प्रमाण पत्र बांटे जा रहे थे तभी स्कूल के पास स्थित खेत में एक महिला ने झाड़-झंखाड़ को इकट्ठा कर जला दिया। उसका धुआं चंद मिनटों में ही स्कूल परिसर में भर गया और एक-एक कर बच्चे अचेत होने लगे। प्रबंधक समीर अहमद ने 112 नंबर पर फोन किया। 25 बच्चों को सीएचसी सेवरही पहुंचाया गया। वहां से 11 को मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
डीएम महेन्द्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना। बताया गया कि झाड़-झंखाड़ में भांग के पौधे थे। माना जा रहा है कि उससे धुएं में नशीला तत्व भर गया, जिससे बच्चों की हालत बिगड़ गई। फिलहाल डॉक्टर ने सभी की हालत में सुधार बताया है। एसपी ने बताया कि पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक इसमें किसी की गलत मंशा सामने नहीं आई है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सेवरही जाकर बच्चियों का हाल जाना।
बेहतर तरीके से इलाज करने के निर्देश दिए। अस्पताल के पास जंगली लकड़ियां किसी ने जलाई थीं, जिसके धुएं से बच्चियां बेहोश हुई थीं। तत्काल इलाज कराया गया, जिससे अब वे सभी ठीक हैं। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि तमकुहीराज सीएचसी से चिकित्सकों की टीम सेवरही सीएचसी की चिकित्सकीय टीम के सहयोग में भेजकर इलाज कराया गया। मेडिकल कॉलेज में जो बच्चियां आई थीं, उनका भी खुद रहकर इलाज कराया। धुआं फेफड़े में चले जाने के कारण बेहोश हुई थीं।
ग्रीन लैंड स्कूल में जहरीले धुएं की चपेट में आकर करीब बच्चों के बेहोश होने के बाद अफरा-तफरी मच गई। कोई स्कूल की तरफ तो कोई अस्पताल की तरफ दौड़कर पहुंचा। सभी बच्चों को स्कूल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेवरही में भर्ती कराया गया। उसके बाद गंभीर हालत वाले बच्चों को जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अपने बच्चों के बारे में सुनकर अभिभावक भी दौड़े पहुंचे। बच्चियों की हालत देख उनकी माताओं के रुदन से अस्पताल गूंज उठे थे। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से कोई अप्रिय घटना नहीं होने पायी।