श्यामनगर में बारात नहीं आई, दूल्हा बेवफा निकला, दुल्हन बेबस

यूपी। मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की अहमियत और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर में एक युवती दुल्हन का जोड़ा पहनकर और हाथों में अपने होने वाले शौहर के नाम की मेहंदी रचाकर इंतजार करती रही, लेकिन बारात लेकर दूल्हा नहीं पहुंचा। इस धोखे ने न केवल खुशियों के घर में मातम फैला दिया, बल्कि अपनी बेटी का घर बसता देखने का सपना संजोए पिता को ऐसा सदमा लगा कि सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है।

जानकारी के अनुसार, श्यामनगर गली नंबर-3 की रहने वाली युवती का अपनी ही रिश्तेदारी के एक युवक से पिछले करीब 9 महीनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं। शुरुआत में युवक के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन युवती और उसके परिवार के समझाने पर युवक और उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों ने सहमति दे दी। आपसी बातचीत के बाद 2 अप्रैल 2026 को निकाह की तारीख मुकर्रर की गई। गुरुवार को दुल्हन के घर पर जश्न का माहौल था। करीब 300 मेहमानों के लिए लजीज पकवान बनवाए गए थे, टेंट लग चुका था और रिश्तेदार जुट चुके थे। शाम होने को आई, लेकिन बारात का कोई अता-पता नहीं था। घबराए परिजनों ने जब दूल्हे और उसके परिवार को फोन मिलाया, तो उधर से कोई जवाब नहीं मिला। घंटों इंतजार और लगातार फोन कॉल अनसुने किए जाने के बाद यह साफ हो गया कि दूल्हा बारात लेकर नहीं आएगा। इस सदमे को युवती के पिता बर्दाश्त नहीं कर सके। उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें आनन-फानन में डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पिता को अस्पताल पहुंचाने के बाद, हिम्मत जुटाकर दुल्हन खुद अपने परिजनों के साथ लिसाड़ीगेट थाने पहुंची। उसने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जब दूसरे पक्ष (दूल्हे पक्ष) से संपर्क किया, तो बिचौलिए के माध्यम से एक अजीब दलील सामने आई। दूल्हे पक्ष का कहना था कि दूल्हे की मां इस निकाह के खिलाफ थी और उनकी शर्त थी कि जब तक लड़की वाले घर आकर दोबारा बात नहीं करेंगे, बारात नहीं जाएगी।

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