बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ ऑटो में यात्रा के दौरान चोरी की घटना सामने आई। पीड़ित महिला सुषमा पाण्डेय, निवासी उसलापुर वैष्णवी विहार, 30 मार्च को अपनी बड़ी बेटी के घर शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। शादी की रस्में पूरी होने के बाद 31 मार्च की सुबह वे लाफार्ज से स्कूल बस के जरिए गुरुनानक चौक पहुंचीं और वहां से ई-रिक्शा लेकर नेहरू चौक की ओर गईं। इसके बाद वे एक ऑटो में सवार हुईं। ऑटो में पहले से तीन अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं।
महिला ने बताया कि ऑटो में यात्रा के दौरान उन्हें चोरी का कोई अंदेशा नहीं था। जब वे घर पहुंचकर अपने जेवर बैग को अलमारी में रखने लगीं, तो देखा कि बैग में रखा करीब 4 तोला सोने का हार और एक जोड़ी ईयररिंग गायब था। चोरी की यह घटना उस समय हुई जब ऑटो उसलापुर ओवरब्रिज पार कर रहा था। पीड़ित महिला ने कहा कि उन्हें संदेह है कि ऑटो में उनके साथ बैठी अन्य अज्ञात महिलाओं ने मौका पाकर जेवर पार किए। सुषमा पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर ऑटो चालक से जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन संदिग्ध महिलाओं का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
इसके बाद महिला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ऑटो में सवार अन्य महिलाओं की पहचान करना और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शामिल है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की योजना पहले से बनाई गई थी या यह अवसरवादी घटना थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और यात्रा के दौरान अपने मूल्यवान सामान की सुरक्षा करने की सलाह दी है। साथ ही ऑटो या रिक्शा में यात्रा करते समय अजनबियों के साथ सामान साझा न करने की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना यह दर्शाती है कि छोटे शहरों में भी सार्वजनिक परिवहन में चोरी जैसी वारदातें हो सकती हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए जांच पूरी गति से जारी है और किसी भी मदद के लिए नागरिक जानकारी दे सकते हैं। इस मामले में पुलिस ने कहा कि ऑटो चालकों और सवारियों की पहचान करना प्राथमिकता है और सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। पीड़ित महिला को घटना से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कानूनी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।