रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने जंबूरी आयोजन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जंबूरी के लिए निविदा कितनी बार लगी, कब-कब लगी और काम शुरू होने से पहले क्या प्रक्रिया पूरी हुई थी। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के मुताबिक पहला टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त हुआ और नियमों में बदलाव के बाद 23 दिसंबर को फिर से जारी किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ और नियमों में बदलाव नेशनल स्काउट गाइड परिषद की अनुमति से किए गए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्रेजरी बेंच खाली होने पर तंज कसा, जिस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल ने चरणदास महंत का अस्तित्व खत्म कर दिया और नेता प्रतिपक्ष को हाईजैक कर लिया। भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए जवाब दिया कि अजय चंद्राकर ने तो पूरे सदन को हाईजैक कर लिया है। प्रश्नकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्वामी आत्मानंद स्कूल का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि प्रदेश में कितने अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं, नर्सरी कक्षाओं की स्वीकृति कब दी गई और प्री-प्राइमरी कक्षाएं कितनी चल रही हैं, साथ ही कई जिलों में शिक्षकों को हटाने की शिकायतें भी आई हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि अभी किसी जिले में शिक्षकों को नहीं हटाया गया है, 14 जिलों के 54 विद्यालयों में प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित हैं और प्रदेश में 11 हजार बालवाड़ी नई शिक्षा नीति के तहत खोले जाएंगे।