राजनांदगांव। गैर शैक्षणिक कार्य लेने के विरोध में जिलेभर के संकुल समन्यवकों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर फोकस करने यह कदम उठाया। शासन के आदेश अनुसार 26 सितंबर से 15 अक्टूबर तक गिरदावरी खसरा का भौतिक सत्यापन किया जाना है। वहीं सप्ताह में चार दिन स्कूलों में अध्यापन कार्य और दो दिन अकादमिक सशक्तिकरण करने स्कूलों का निरीक्षण करने कहा गया है। इन कामों से तंग आकर जिलेभर के संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है।
सोमवार को जिले के चारों ब्लॉकों डोंगरगांव, डोंगरगढ़, छुरिया और राजनांदगांव के संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दिया। समन्वयकों का कहना है लगातार गैर-शैक्षिक कार्यों, विशेषकर गिरदावरी खसरा के भौतिक सत्यापन का कार्य ले रहे है। संकुल समन्वयकों की नियुक्ति शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने, शिक्षकों को मार्गदर्शन देने और स्कूलों का निरीक्षण करने की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं की गईं तो शैक्षिक गतिविधि बाधित होगी।
मांग पूरी नहीं होने के चलते सौंपा इस्तीफा पहले भी समन्वयकों ने प्रशासन को सूचित कर गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्त करने मांग की थी। प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। जिसके चलते समन्वयकों ने इस्तीफा सौंपा। डोंगरगांव ब्लॉक के 23, डोंगरगढ़ 39, छुरिया 43 और राजनांदगांव ब्लॉक से 44 समन्वयकों की सूची संबधित बीईओ कार्यालयों को सौंपी गई है। उनकी प्रमुख मांगों में समन्वयकों को केवल शैक्षिक कार्यों तक सीमित रखें। मांग पूरी नहीं की गई तो शैक्षिक व्यवस्था पर असर पड़ेगा। शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत चल रही निरीक्षण और मार्गदर्शन गतिविधियां बाधित होगी।