नवीन तकनीकी माध्यम से मत्स्य पालन हेतु जिले के 300 हितग्राहियों को दी गई प्रशिक्षण

कुनकुरी और दुलदुला विकासखंड के समूहों वितरण किया गया जाल और आईस बॉक्स

जशपुरनगर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए मच्छली पालन, मुर्गीपालन, बकरीपानी सहित धान के साथ अन्य फसल लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। दूरस्थ अंचल के किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का भी संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में सुशासन सप्ताह प्रशासन गांव की ओर मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय मछली पालन अर्थात जलीय कृषि करनें वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए भारत मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर  रोहित व्यास के निर्देशानुसार मछली पालन विभाग के जिला अधिकारी जे. के. पैंकरा के मार्गदर्शन में मछली पालन विभाग द्वारा विभागीय योजना अंतर्गत नवीन तकनीकी माध्यम मत्स्य पालन हेतु 16 से 18 दिसम्बर 2024 तक तीन दिवसीय मछुवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 300 हितग्राहियों का चयन किया गया था। जिमसें 50 समान्य, 50 परमपरागत एवं 200 अनुसूचित जनजाति से हितग्राहियों का चयन किया गया।
प्रशिक्षण की कड़ी में 18 दिसम्बर को जशपुर, मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी विकासखण्ड का प्रशिक्षण मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बघिमा जशपुर में सम्पन्न हुआ। इसी प्रकार पत्थलगांव और बगीचा का प्रशिक्षण सीतापुर में एवं कांसाबेल और फरसाबहार का प्रशिक्षण पलीडीह पत्थलगांव में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में नवीन तकनीकी से मछली पालन करने, मछली बीज डालने के पहले संवर्धन पोखर, तालाब की तैयारी, मछली में होने वाली बीमारी से बचाव, किसान क्रेडिट कार्ड, दुर्घटना बीमा सहित अन्य विभागीय योजना के बारे में जानकारी दिया गया।
इस दौरान मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बघिमा जशपुर में कुनकुरी और दुलदुला विकासखंड के समूहों को जनपद उपाध्यक्ष राजकुमार भगत के द्वारा निःशुल्क जाल और आईस बॉक्स का वितरण भी किया गया।

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