सौ साल पुराने गणेश मंदिर में उमड़ी भीड़

कांकेर। कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर संबलपुर का 100 साल पुराना गणेश मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है. भक्तों की मान्यता है कि बप्पा के द्वार पहुंचने वाले हर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. इसमें आस-पास के साथ दूसरे जिलों- रायपुर, बस्तर, धमतरी से भी काफी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. 

पंडितों ने मंदिर का इतिहास के बारे में बताया कि कांकेर राजवाड़ा के ग्रीष्मकालीन राजधानी गढ़बांसला में तालाब में गणेश की मूर्ति को तैरते हुए एक पंडित ने देखा था. इसके बाद गणेश प्रतिमा को संबलपुर लाने का निर्णय लिया गया. प्रतिमा को बैलगाड़ी पर लादकर संबलपुर लाने का काम शुरू हुआ. मूर्ति छोटी लेकिन वजनी होने के कारण यहां तक लाने में 14 बैलगाड़ी टूट गए. जैसे-तैसे कर प्रतिमा संबलपुर तक लाकर मंदिर निर्माण किया गया.

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