मूर्तियों को लेकर चेन्नई के समाजसेवी तरुण मोदी के अपने तर्क

सक्ति– अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन की चेन्नई शाखा के वरिष्ठ सदस्य एवं समाजसेवी तरुण मोदी ने वर्तमान परिवेश में धार्मिक आस्थाओं को लेकर अपने विचार साझा किए हैं, संजीव अग्रवाल कहते हैं कि दीपावली पर लगभग हर घर में श्री गणेश और लक्ष्मी जी की नई मूर्तियों की पूजा होगी,लेकिन,पुरानी मूर्ति का क्या होगा..कुछ लोग शायद इसे प्रवाहित कर देंगे और कुछ लोग,पेड़ के नीचे रख देंगे..
विनम्र निवेदन उन कुछ लोगों से जो इन मूर्तियो की जिसकी साल भर पूजा की,अपने लिए बहुत कुछ माँगा भी होगा, अब उन्हें ऐसे ही किसी पेड़ के नीचे रख देंगे,(यह उसी तरह होगा जैसे माँ बाप जब बूढ़े हो जाते हैं तब उन्हें आश्रम भेज दिया जाए) ऐसा न करें,ऐसा कदापि न करें,बल्कि,एक टब पानी में थोड़ा गंगा जल डालकर मूर्ति को उसमें रख दें,एक-दो दिन में मूर्ति स्वतः उस में घुल जायेगी। मूर्ति घुले जल को किसी गमले या पेड़ की जड़ में डाल सकते हैं,आपका यह प्रयास मूर्ति का सम्मानजनक विसर्जन तो होगा ही नदियों को स्वच्छ रखने को उठाया गया सार्थक पहला कदम भी होगा..! लोग हमारे धर्म का मजाक भी नही बनायेगे,उम्मीद है आप लोग इस तरह का कार्य न खुद करेंगे व दुसरो को भी ऐसा करने से रोकेंगे

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