रायपुर। विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें वीर सावरकर भी कहा जाता है, एक क्रांतिकारी नेता थे. वह एक समाज सुधारक और लेखक भी थे. सावरकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और अंडमान में पोर्ट ब्लेयर सेलुलर जेल (काला पानी) भेज दिया गया. सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 को महाराष्ट्र के नासिक में दामोदर और राधाबाई सावरकर के यहां हुआ था. जयंती पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, महान क्रांतिकारी योद्धा विनायक दामोदर सावरकर को नमन. आगे उन्होंने X पर लिखा,
काल स्वयं मुझ से डरा है,
मैं काल से नहीं,
कालेपानी का कालकूट पीकर,
काल से कराल स्तभों को झकझोर कर,
मैं बार-बार लौट आया हूँ,
और फिर भी मैं जीवित हूँ।
हारी मृत्यु है,
मैं नहीं ।
वीर सावरकर मां भारती के वीर सपूत आजादी की लड़ाई के महान क्रांतिकारी योद्धा,
विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन
काल स्वयं मुझ से डरा है,
मैं काल से नहीं,
कालेपानी का कालकूट पीकर,
काल से कराल स्तभों को झकझोर कर,
मैं बार-बार लौट आया हूँ,
और फिर भी मैं जीवित हूँ।
हारी मृत्यु है, मैं नहीं ।
– वीर सावरकरमां भारती के वीर सपूत आजादी की लड़ाई के महान क्रांतिकारी योद्धा, विनायक दामोदर सावरकर की… pic.twitter.com/F0JQQJdfGV
— Brijmohan Agrawal (मोदी का परिवार) (@brijmohan_ag) May 28, 2024