नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर अब आधुनिक स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लगी करीब 1 लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना बना रही है। नई स्मार्ट लाइट्स में ऑटो-डिमिंग सिस्टम, रियल टाइम मॉनिटरिंग और इंटरएक्टिव यानी “म्यूजिकल” लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं।
इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार पहली बार EMI मॉडल अपनाने जा रही है। इसके तहत लाइट लगाने वाली एजेंसी को एकमुश्त भुगतान के बजाय हर महीने किस्तों में भुगतान किया जाएगा। लगभग 450 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत करीब 1400 किलोमीटर लंबी सड़कों पर नई लाइटें लगाई जाएंगी।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, नई व्यवस्था में जिस एजेंसी को काम दिया जाएगा, वही अगले 5 साल तक स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव भी करेगी। खराब लाइट को 48 घंटे के भीतर ठीक करना या बदलना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर एजेंसी पर प्रति लाइट प्रति दिन 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
नई स्मार्ट लाइट्स की रोशनी मौजूदा लाइटों से ज्यादा प्रभावी होगी। जहां वर्तमान में कई जगहों पर 10 से 15 लक्स तक रोशनी मिलती है, वहीं नई लाइट्स करीब 40 लक्स तक प्रकाश देने में सक्षम होंगी।
इन लाइटों में डायनामिक डिमिंग तकनीक होगी, जिससे रात के समय जरूरत के अनुसार रोशनी अपने आप नियंत्रित होगी। शुरुआत में 40 लक्स की रोशनी धीरे-धीरे 30, 20 और 15 लक्स तक कम हो जाएगी और सुबह होने पर लाइट्स अपने आप बंद हो जाएंगी।
सरकार का दावा है कि इस स्मार्ट सिस्टम से अगले पांच वर्षों में करीब 300 करोड़ रुपये तक की बिजली बचत हो सकती है। इसके साथ ही लाइटों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से खराबी की पहचान और समाधान की प्रक्रिया तेज की जा सकेगी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि रात के समय सड़कों पर सुरक्षा और शहर की सुंदरता भी बेहतर होगी।