रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने प्रदेश में सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े नौ महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 39 करोड़ 10 लाख 82 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना रायपुर को स्वीकृति आदेश जारी किया गया है।
रायपुर जिले में छह योजनाओं को मंजूरी
स्वीकृत कार्यों में रायपुर जिले की छह योजनाएं शामिल हैं। धरसींवा विकासखंड में खारून नदी पर तट रक्षण एवं बाढ़ प्रबंधन कार्य के लिए 4.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं, आरंग विकासखंड के कोल्हान नाले पर संडी एनीकट निर्माण के लिए 3.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। एनीकट के निर्माण से करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
आरंग विकासखंड के ग्राम बनरसी में बंजारी नाला पर स्टॉपडेम निर्माण के लिए 4.69 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस कार्य से करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह अभनपुर एवं आरंग क्षेत्र में रविशंकर सागर परियोजना के तहत महानदी मुख्य नहर में छह स्थानों पर स्वचालित जल प्रवाह माप यंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 4.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
अभनपुर में जवई बांधा डायवर्सन केनाल के आरडी 0 से 600 मीटर तथा बांध केनाल के आरडी 0 से 180 मीटर तक रिटेनिंग वॉल निर्माण के लिए 4.64 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा आरंग विकासखंड में राजीव निसदा-समोदा निसदा व्यपवर्तन योजना के डाउनस्ट्रीम में निर्मित फुट ब्रिज की नींव की सुरक्षा के लिए 1.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
धमतरी और कांकेर जिले में भी होंगे कार्य
धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड में भखारा माइनर के आरडी 0 से 4900 मीटर तक लाइनिंग एवं संरचनाओं के निर्माण के लिए 4.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य से करीब 175 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना है।
धमतरी विकासखंड में महानदी परियोजना समूह के तहत न्यू रूद्री बैराज के जलद्वारों की पेंटिंग, रबर सील और रोलर की मरम्मत, वायर रोप बदलने, विद्युतीकरण तथा डीजी सेट की स्थापना के लिए 4.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं, कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड में महानदी जलाशय परियोजना के अंतर्गत दुधावा बांध के स्लूस में एपॉक्सी ग्राउटिंग कार्य के लिए भी 4.97 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन कार्यों के पूरा होने से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ जल संरचनाओं की सुरक्षा, रखरखाव और जल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।