पंडरिया। नगर से लगे ग्राम पंचायत सोनपुरी के आश्रित ग्राम तेंदुआडीह स्थित प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले बच्चों को इन दिनों बुनियादी पेयजल सुविधा के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। स्कूल परिसर में लगा नलकूप शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही खराब हो गया था। आरोप है कि मरम्मत कराने के लिए सरपंच नलकूप को निकलवाकर ले गए, लेकिन लंबे समय बाद भी वह वापस नहीं लगाया गया।
नलकूप बंद होने के कारण स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाली रसोईया को भी पानी के लिए स्कूल परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है। इससे जहां स्कूल की दैनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बार-बार सूचना के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्कूल की शिक्षिका के अनुसार नलकूप खराब होने की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को कई बार दी गई। इसके बाद नलकूप को सुधार के लिए निकालकर ले जाया गया, लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत कराकर स्कूल में दोबारा स्थापना नहीं की गई है।
शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं होने से बच्चों और स्कूल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए, क्योंकि स्कूल में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव स्वीकार्य नहीं है।
पानी के लिए स्कूल से बाहर जाने की मजबूरी
स्कूल परिसर में नलकूप बंद होने के कारण बच्चों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है। वहीं मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोईया को भी खाना पकाने और अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। इससे स्कूल की नियमित गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
विशेषकर प्राथमिक कक्षा के छोटे बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था स्कूल परिसर में ही होना जरूरी है। बच्चों को बार-बार परिसर से बाहर जाना पड़े, तो यह उनकी सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन जाता है।

पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत स्तर पर स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पंचायत निधि और अन्य उपलब्ध मदों से पेयजल एवं आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जा सकते हैं। ऐसे में नलकूप को सुधार के लिए ले जाने के बाद भी लंबे समय तक व्यवस्था बहाल नहीं होने पर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
अब ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर स्कूल में तत्काल पेयजल व्यवस्था बहाल कराएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि नलकूप को कब निकाला गया, वर्तमान में वह कहां है और अब तक उसे वापस लगाकर चालू क्यों नहीं किया गया।

बच्चों को कब मिलेगा उनका पानी?
तेंदुआडीह प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए पेयजल कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत है। नलकूप खराब होने और मरम्मत के लिए ले जाए जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे में अब सवाल सिर्फ नलकूप की मरम्मत का नहीं, बल्कि जवाबदेही का भी है।
ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द हस्तक्षेप कर नलकूप को वापस लगवाएंगे और बच्चों को स्कूल परिसर में ही सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।