चेन्नई । केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तमिलनाडु के चेन्नई में DGCA के डिप्टी डायरेक्टर सुशील कुमार गर्ग को कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक निजी एविएशन कंपनी के डायरेक्टर सचिन केशव भाने को भी गिरफ्तार किया गया है।
CBI के मुताबिक, मामला निजी कंपनी द्वारा संचालित विमानों के एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेशन से जुड़ा है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि विमान निर्धारित सुरक्षा और संचालन मानकों को पूरा करता है।
एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेशन के बदले रिश्वत का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, DGCA अधिकारी सुशील कुमार गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनी के विमानों के एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेशन से संबंधित काम के लिए कथित तौर पर अवैध रूप से पैसों की मांग की।
आरोप है कि इसी सिलसिले में 2.5 लाख रुपये की रिश्वत ली गई। CBI ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
मामले में निजी कंपनी के साथ-साथ कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी पूरे मामले में रिश्वत की मांग, भुगतान और संबंधित नियामकीय प्रक्रिया की जांच कर रही है।
आरोपियों को दिल्ली लाने की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद CBI आगे की पूछताछ और जांच के लिए आरोपियों को दिल्ली लाने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित रिश्वतखोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके बदले किसी विमान को उड़ान-योग्यता प्रमाणन से संबंधित लाभ पहुंचाया गया।
DGCA से जुड़े पहले भी सामने आ चुके हैं रिश्वत के मामले
DGCA से जुड़े रिश्वतखोरी के एक अन्य मामले में भी CBI ने कार्रवाई की थी। उस मामले में एयरवर्दीनेस डायरेक्टरेट के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुदावथ देवुला और एक कॉर्पोरेट ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी भरत माथुर को कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उस मामले में आरोप था कि ड्रोन आयात करने वाली एक निजी एयरोस्पेस कंपनी के लंबित आवेदन को मंजूरी देने और नियामकीय अनुमति दिलाने के बदले कथित तौर पर अवैध लाभ मांगा गया था।
फिलहाल चेन्नई में सामने आए नए मामले में CBI की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद होगी।