हिंदुस्तान जिंक का बड़ा कदम: खनन क्षेत्र में हाइड्रोजन फ्यूल समाधान के लिए एडवांटेक और एरो ईगल से किया एमओयू

उदयपुर|हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने खनन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एडवांटेक एसोसिएट्स एलएलपी और एरो ईगल ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इस साझेदारी के तहत कंपनी अपने ऑपरेशन्स में ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य क्लीन एनर्जी समाधानों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन करेगी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों को कम कार्बन उत्सर्जन वाला और भविष्य के लिए तैयार बनाना है। कंपनी भूमिगत खनन में हाइड्रोजन फ्यूल का इस्तेमाल शुरू करने वाली भारत की पहली कंपनी बनने की दिशा में काम कर रही है।

एमओयू के तहत ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, स्टोरेज, सप्लाई सिस्टम और हाइड्रोजन से संचालित होने वाली मशीनरी की तकनीकी जांच की जाएगी। इसके अलावा एच2 एंड आईसीई (Hydrogen Internal Combustion Engine) और फ्यूल सेल तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी सस्टेनेबल माइनिंग के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर लगातार काम कर रही है। हाइड्रोजन आधारित ईंधन से भारी मशीनों के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में नई राह खुलेगी।

कंपनी के अनुसार, परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। शुरुआत में तकनीकी क्षमता, सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव और लागत से जुड़ी स्टडी की जाएगी। इसके बाद सफल परिणाम मिलने पर इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है, जिसमें भारी मशीनरी, वाहन, जेनरेटर और अन्य उपकरण शामिल होंगे।

यह पहल हिंदुस्तान जिंक की ESG रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी स्वच्छ ऊर्जा और जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा दे रही है। कंपनी पहले ही अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 18 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा कर रही है और क्लीन टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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