राजनांदगांव। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया है। जांच में करीब 76 करोड़ रुपये की संदिग्ध फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा हुआ है।
विभागीय जांच के अनुसार, फर्म द्वारा पिछले लगभग छह महीनों में 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए थे। दस्तावेजों, जीएसटी रिटर्न और रिकॉर्ड के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
बिना वास्तविक माल खरीदी के तैयार किए गए बिल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन और स्टील की वास्तविक खरीद किए बिना ही करोड़ों रुपये के बिल प्राप्त किए। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया और आगे अन्य करदाताओं तक इसका लेन-देन किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि कई आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त हो चुके हैं और उनके वास्तविक व्यापार के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। अधिकांश लेन-देन को केवल कागजी व्यापार (पेपर ट्रेडिंग) और बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच जारी, अन्य लोगों की भी संलिप्तता की आशंका
राज्य कर विभाग ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों और फर्मों की संलिप्तता के भी संकेत मिले हैं।
विभाग अब बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों और संबंधित व्यापारिक इकाइयों की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग रैकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।