रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के हस्तक्षेप के बाद गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बालिका जोगेश्वरी कड़की का एम्स रायपुर में इलाज शुरू कर दिया गया है। आयोग की सक्रिय पहल के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से बालिका को बेहतर उपचार के लिए रायपुर लाया गया।
जानकारी के अनुसार, बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए आयोग अध्यक्ष ने 5 जून को दंतेवाड़ा कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल एम्स रायपुर में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के निदेशक को भी पत्र लिखकर बालिका के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था।
15 जून को आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं एम्स रायपुर पहुंचीं और उपचाररत बालिका से मुलाकात कर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिजनों से भी बातचीत की और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
एम्स प्रशासन के चिकित्सकों ने आयोग को बताया कि बालिका का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है और उसे आवश्यक सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपचार प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता दी जाएगी।