बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में भीषण जल संकट ने हालात गंभीर बना दिए हैं। मानसून की देरी और लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जिले के 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कई इलाकों में लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
173 जलाशयों में सिर्फ 16.11% पानी बचा
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले के 173 छोटे-बड़े बांधों और जलाशयों में अब केवल 16.11 प्रतिशत पानी शेष रह गया है।
- 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं
- 79 जलाशय डेड स्टोरेज में पहुंच गए हैं
- केवल 13 जलाशयों में सीमित पानी बचा है
आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
पानी चोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने साफ कहा है कि पानी की चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध तरीके से पानी निकालने वालों पर FIR दर्ज होगी।
इसके अलावा शिकायत मिलने पर संबंधित स्थानों की बिजली सप्लाई काटने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है।
सूखे तालाबों में पानी खोज रहे लोग
जल संकट का असर गांवों में साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर लोग सूखे तालाबों में गड्ढे खोदकर पानी तलाशने को मजबूर हैं। पेयजल की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
टैंकरों से पहुंचाया जा रहा पानी
राहत के लिए प्रशासन ने टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति शुरू की है। 12 गांवों और 14 बस्तियों में 19 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
इसके साथ ही 109 गांवों के 221 निजी कुओं को अधिग्रहित कर जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।