चेन्नई । तमिलनाडु में शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा (थेवर जयंती) श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन गांव स्थित थेवर के स्मारक पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल आरवी अर्लेकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति शुक्रवार को दिल्ली से मदुरै पहुंचे थे, जहां राज्यपाल, राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से पसुम्पोन पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों से थेवर थे प्रभावित
श्रद्धांजलि देने के बाद उपराष्ट्रपति ने मुथुरामलिंग थेवर के योगदान को याद करते हुए उन्हें महान राष्ट्रीय नेता बताया। उन्होंने कहा कि थेवर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को अपना नेता स्वीकार किया था और देश की स्वतंत्रता के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
उन्होंने थेवर के सिद्धांतों, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने विचारों से कभी समझौता नहीं किया।
मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन और पलानीस्वामी ने भी किया नमन
थेवर जयंती के अवसर पर तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के नंदनम में थेवर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
वहीं, डीएमके प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मदुरै के गोरीपालयम में थेवर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी सहित अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी पसुम्पोन पहुंचकर उन्हें नमन किया।
18 हजार पुलिसकर्मी तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
थेवर जयंती के मद्देनजर तमिलनाडु के मदुरै, रामनाथपुरम, शिवगंगा और विरुधुनगर जिलों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 18 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की।
इसके अलावा 118 वाहन जांच केंद्र स्थापित किए गए और संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए 480 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
डिंडीगुल में शैक्षणिक समारोह में भी शामिल होंगे उपराष्ट्रपति
पसुम्पोन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन हेलीकॉप्टर से डिंडीगुल के लिए रवाना हुए। यहां वह गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह और 39वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।
इसके बाद उनका मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दर्शन करने और दिल्ली लौटने का कार्यक्रम था।
थेवर जयंती के अवसर पर तमिलनाडु में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वतंत्रता आंदोलन में मुथुरामलिंग थेवर के योगदान और राज्य के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में उनके प्रभाव को एक बार फिर रेखांकित किया।