देश में वाहनों की बिक्री में 18.2% की बढ़ोतरी, जुलाई-सितंबर में बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली । देश के ऑटोमोबाइल बाजार में जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान शानदार तेजी दर्ज की गई। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में घरेलू बाजार में वाहनों की कुल थोक बिक्री सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़कर 83,87,938 इकाई पर पहुंच गई। यह किसी वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है।

सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन के अनुसार, दूसरी तिमाही में यात्री वाहन, दोपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन सहित सभी प्रमुख श्रेणियों ने दूसरी तिमाही का अब तक का सर्वाधिक बिक्री स्तर दर्ज किया। इस प्रदर्शन से देश के वाहन उद्योग में मांग की मजबूती का संकेत मिला है।

यात्री वाहनों की बिक्री में 30.7% की वृद्धि

जुलाई-सितंबर तिमाही में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 30.7 प्रतिशत बढ़कर 13,60,687 इकाई हो गई। इस श्रेणी में यात्री कारों की बिक्री में 24.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यूटिलिटी वाहनों की मांग ने भी इस वृद्धि में योगदान दिया।

यात्री वाहनों की बिक्री में तेजी से कार और एसयूवी बाजार में मजबूत मांग का संकेत मिलता है। त्योहारी सीजन के दौरान भी वाहन कंपनियों को ग्राहकों की खरीदारी से समर्थन मिलने की उम्मीद है।

दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मांग भी मजबूत

सियाम के अनुसार, दूसरी तिमाही में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री ने भी रिकॉर्ड स्तर हासिल किया। सितंबर 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 24.63 लाख इकाई रही। इसी महीने तिपहिया वाहनों की बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 98,162 इकाई दर्ज की गई।

दोपहिया वाहनों की मांग में वृद्धि शहरी और ग्रामीण बाजारों में खरीदारी की सक्रियता को दर्शाती है। वहीं, तिपहिया वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी से यात्री और व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र में मांग मजबूत होने का संकेत मिलता है।

वाणिज्यिक वाहन बाजार में भी तेजी

दूसरी तिमाही में वाणिज्यिक वाहन श्रेणी ने भी अब तक का सर्वाधिक बिक्री स्तर दर्ज किया। इस क्षेत्र में वाहनों की मांग परिवहन, निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी हुई है। विभिन्न वाहन श्रेणियों में एक साथ दर्ज हुई वृद्धि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

GST में बदलाव और आसान फाइनेंसिंग से मिला समर्थन

ऑटो उद्योग की बिक्री में आई तेजी के पीछे कई कारक बताए जा रहे हैं। इनमें पिछले वर्ष की तुलनात्मक रूप से कमजोर बिक्री, GST दरों में बदलाव के बाद वाहनों की कीमतों में आई कमी, बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प और शहरी एवं ग्रामीण बाजारों में बनी मांग शामिल हैं। बुनियादी ढांचे पर खर्च में वृद्धि ने भी बाजार को समर्थन दिया है।

अप्रैल से सितंबर तक बिक्री में 19.8% की बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान घरेलू बाजार में कुल वाहनों की बिक्री 1,58,00,017 इकाई रही। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19.8 प्रतिशत अधिक है।

लगातार मजबूत बिक्री से वाहन निर्माताओं को त्योहारी सीजन में भी मांग बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, आने वाले महीनों में बाजार की गति उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता, वित्तपोषण की लागत और ग्रामीण मांग जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।

कुल मिलाकर, जुलाई-सितंबर 2026 के बिक्री आंकड़े भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए रिकॉर्ड तिमाही की तस्वीर पेश करते हैं। यात्री वाहनों से लेकर दोपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों तक दर्ज हुई वृद्धि ने उद्योग को मजबूती दी है।

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