वाशिंगटन | ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिका का भारी-भरकम खर्च सामने आया है। पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से 30 जून के बीच इस जंग में अमेरिका ने 33.4 अरब डॉलर (लगभग 3.21 लाख करोड़ रुपये) खर्च कर दिए हैं। इस अवधि के दौरान अकेले गोला-बारूद और हथियारों पर ही 22 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम खर्च हुई है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु और आंकड़े:
-
विशाल वित्तीय खर्च: रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारों के अलावा सैन्य उपकरणों को लगभग 3.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जबकि अन्य खर्चों में 7.4 अरब डॉलर और जुड़े हैं, जिससे कुल खर्च 33.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
-
विमानों और ड्रोन्स को भारी क्षति: इस संघर्ष में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण विमान तबाह हुए हैं। इनमें कम से कम चार F-15E फाइटर जेट, एक F-35A स्टील्थ फाइटर, एक A-10 ग्राउंड-अटैक विमान, सात KC-135 एरियल-रीफ्यूलिंग टैंकर और विभिन्न हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका के 30 MQ-9 रीपर ड्रोन भी नष्ट हुए हैं।
-
सैन्य ठिकानों को नुकसान: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैकड़ों इमारतों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
-
हथियारों के स्टॉक पर दबाव: भारी खर्च के बावजूद अमेरिकी रक्षा विभाग को गोला-बारूद और हथियारों के स्टॉक में आ रही कमी का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि रक्षा विभाग स्टॉक को फिर से भरने और उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने पर काम कर रहा है।