कीव/मॉस्को | यूक्रेन ने काला सागर में रूसी ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाने के लिए ब्रिटेन में निर्मित समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया है। ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में K3 स्काउट नाम की मानवरहित तेज रफ्तार नौकाओं का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें ब्रिटेन की रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी क्रैकेन टेक्नोलॉजी ने विकसित किया है।
ब्रिटेन ने खरीदी थीं 20 मानवरहित नौकाएं
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन ने ऐसी 20 नौकाएं खरीदी थीं। हालांकि, इनमें से कितनी नौकाएं यूक्रेन को दी गई हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
K3 स्काउट को बिना चालक के संचालित होने वाले समुद्री प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल समुद्री निगरानी, सुरक्षा अभियानों और हमलों सहित विभिन्न सैन्य कार्यों में किया जा सकता है।
लंबी दूरी तक अभियान चलाने में सक्षम
क्रैकेन टेक्नोलॉजी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, K3 स्काउट की प्रमुख विशेषताएं हैं:
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अधिकतम गति: लगभग 55 नॉट।
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रेंज: लगभग 650 समुद्री मील, निर्धारित परिचालन गति पर।
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पेलोड क्षमता: लगभग 600 किलोग्राम।
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संचालन अवधि: मिशन की परिस्थितियों के आधार पर 30 दिन तक।
इन क्षमताओं के कारण इस तरह की नौकाएं दूर स्थित समुद्री लक्ष्यों तक पहुंचने और बिना चालक के अभियान संचालित करने में उपयोगी हो सकती हैं।
रूस ने काला सागर में हमलों पर जताई चिंता
रूस ने यूक्रेन की समुद्री गतिविधियों और जहाजों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 1 अक्टूबर को कहा था कि यूक्रेन की कार्रवाई के कारण काला सागर में नौवहन की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
इस बीच, काला सागर में रूस और यूक्रेन के बीच समुद्री ठिकानों तथा जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
समुद्री युद्ध में बदल रही है तकनीक की भूमिका
मानवरहित समुद्री नौकाओं का इस्तेमाल आधुनिक युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ऐसी प्रणालियां पारंपरिक युद्धपोतों पर निर्भरता कम करते हुए निगरानी और हमले जैसे अभियान संचालित कर सकती हैं।