दिल्ली में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए दो नई योजनाएं मंजूर, स्मारकों को गोद लेने की भी सुविधा

नई दिल्ली  | दिल्ली सरकार ने राजधानी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, विकास और संवर्धन के लिए बड़ा कदम उठाते हुए दो नई योजनाओं को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में इन योजनाओं को कैबिनेट से स्वीकृति मिली, जिनका उद्देश्य स्मारकों के संरक्षण में जनभागीदारी और निजी क्षेत्र की भूमिका को बढ़ाना है।

सरकार ने ‘हमारे स्मारक, हमारा गौरव’ अभियान के तहत दो योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है—दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना और दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना। इन योजनाओं के जरिए स्थानीय महत्व वाले ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण, रखरखाव और विकास का व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

स्मारक अभिग्रहण योजना के तहत सार्वजनिक उपक्रम, निजी कंपनियां, एनजीओ, ट्रस्ट और नागरिक “स्मारक मित्र” बनकर स्मारकों को गोद ले सकेंगे। ये संस्थाएं स्मारकों की साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं के विकास व संचालन में योगदान देंगी। योजना के तहत स्मारकों को गोद लेने की अवधि 5 वर्ष तय की गई है।

वहीं विरासत नवोत्थान योजना के तहत पात्र संस्थाओं को स्मारकों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे विशेषज्ञ संस्थाओं की भागीदारी बढ़ेगी और संरक्षण कार्य अधिक प्रभावी तरीके से किए जा सकेंगे।

दिल्ली सरकार के अनुसार वर्तमान में पुरातत्व विभाग के अधीन 75 स्मारक हैं, जिनमें से कई का संरक्षण कार्य पहले से चल रहा है। नई योजनाओं के जरिए इन्हें और बेहतर पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा तथा स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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