नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक बातचीत बंद होने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। इसी कड़ी में भारत-पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच ‘ट्रैक-2’ (अनौपचारिक कूटनीति) वार्ता का नया दौर आयोजित किया गया है। यह बैठकें श्रीलंका के कोलंबो और थाईलैंड के बैंकॉक में हुईं।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के पूर्व राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने इस वार्ता में हिस्सा लिया। इस दौरान आतंकवाद, सीमा से जुड़े मुद्दों और जल विवाद जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा परिस्थितियों पर विचार साझा किए और तनाव को नियंत्रित करने के उपायों पर बातचीत की।
ट्रैक-2 डिप्लोमेसी का मकसद संवाद का रास्ता खोलना
ट्रैक-2 बातचीत ऐसी अनौपचारिक वार्ता होती है, जिसमें सरकारों से जुड़े पूर्व अधिकारी, विशेषज्ञ और रणनीतिक जानकार शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाना और भविष्य में आधिकारिक बातचीत यानी ‘ट्रैक-1’ चैनल के लिए माहौल तैयार करना होता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच इस तरह की 3 से 4 दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी है। इन बैठकों में सामने आए सुझावों और जानकारियों को आगे आधिकारिक चैनलों तक पहुंचाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
आतंकवाद और पानी के मुद्दे रहे अहम
बैठक में आतंकवाद को लेकर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी चिंताएं रखीं। इसके अलावा नदी जल बंटवारे और जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच लंबे समय से कई विवादों को लेकर तनाव बना हुआ है, ऐसे में यह वार्ता संवाद बहाली की दिशा में एक प्रयास मानी जा रही है।
भारत और पाकिस्तान के बीच सरकारी स्तर की औपचारिक वार्ता फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन ट्रैक-2 कूटनीति के जरिए दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।