नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग एवं रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक और महत्वपूर्ण गतिविधि की है। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के तीन युद्धपोत श्रीलंका में अपने प्रशिक्षण पड़ाव को पूरा करने के बाद शुक्रवार को कोलंबो बंदरगाह से रवाना हो गए। रवाना होते समय इन युद्धपोतों ने श्रीलंकाई नौसेना के साथ समुद्र में संयुक्त अभ्यास भी किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रशिक्षण दौरे में भारतीय नौसेना के तीन जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक बल का जहाज आईसीजीएस सारथी शामिल थे। कोलंबो में इनके ठहराव के दौरान भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं।
श्रीलंकाई नौसेना के अधिकारियों से हुई मुलाकात
कोलंबो प्रवास के दौरान भारतीय प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारियों और तीनों युद्धपोतों के कमांडिंग अधिकारियों ने श्रीलंकाई नौसेना के पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की।
इस दौरान दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग, प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस तरह के दौरे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और पेशेवर संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रवाना होते समय किया संयुक्त समुद्री अभ्यास
कोलंबो बंदरगाह से रवाना होने के बाद भारतीय युद्धपोतों ने श्रीलंकाई नौसेना के साथ समुद्र में संयुक्त अभ्यास किया। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं को आपसी समन्वय और समुद्री संचालन से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिलेगी मजबूती
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और श्रीलंका की भौगोलिक स्थिति समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच नियमित नौसैनिक संपर्क, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण गतिविधियां क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करती हैं।
भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का यह दौरा न केवल प्रशिक्षुओं को अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिस्थितियों का अनुभव प्रदान करता है, बल्कि मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ पेशेवर संबंधों को भी नई मजबूती देता है।
रक्षा मंत्रालय ने इस दौरे को भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत नौसैनिक साझेदारी तथा आपसी सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में रेखांकित किया है।