कराची/लाहौर। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल पर बढ़े टैक्स और पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को कराची, लाहौर समेत देश के कई शहरों में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार की टैक्स नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोलियम लेवी खत्म करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को चेतावनी दी है। जमात-ए-इस्लामी ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और हाईवे जाम किए जाएंगे।
कराची में मुख्य सड़कें हुईं प्रभावित
कराची में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों पर मार्च किया। प्रदर्शन के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और अतिरिक्त टैक्स को आम जनता पर बढ़ता आर्थिक बोझ बताया।
लाहौर में सरकार पर बरसे हाफिज नईम-उर-रहमान
लाहौर में आयोजित रैली को जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने संबोधित किया। उन्होंने शहबाज शरीफ सरकार की टैक्स नीतियों की आलोचना करते हुए पेट्रोलियम लेवी तत्काल खत्म करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता पर पेट्रोलियम उत्पादों पर अतिरिक्त बोझ डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
IMF के नाम पर टैक्स बढ़ाने का विरोध
जमात-ए-इस्लामी ने सरकार द्वारा IMF का हवाला देकर टैक्स नीतियों को सही ठहराने की कोशिश पर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि सरकार की नीतियों का सीधा असर आम लोगों, छात्रों और निम्न एवं मध्यम आय वर्ग की जेब पर पड़ रहा है।
सरकार के लिए राजस्व का बड़ा जरिया है PDL
पाकिस्तान सरकार पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों पर पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) लगाती है। यह सरकार के लिए राजस्व जुटाने का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। हालांकि, बढ़ती कीमतों और महंगाई के बीच इस लेवी को लेकर सरकार पर जनता का दबाव लगातार बढ़ रहा है।