ITR फाइलिंग में ये 10 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, टैक्स एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है और लाखों करदाता अपनी रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार अब तक 40 लाख से ज्यादा लोग ITR फाइल कर चुके हैं। इसी बीच टैक्स एक्सपर्ट्स ने करदाताओं को कुछ आम लेकिन गंभीर गलतियों से सावधान रहने की सलाह दी है।

टैक्स विभाग कैसे पकड़ता है गलती?

टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक आयकर विभाग बैंकों, TDS स्टेटमेंट, क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन और अन्य रिपोर्टिंग सिस्टम से डेटा मिलाकर रिटर्न की जांच करता है। ऐसे में छोटी-सी गलती भी नोटिस या रिफंड में देरी का कारण बन सकती है।

ITR फाइलिंग में होने वाली 10 बड़ी गलतियां

1. गलत ITR फॉर्म चुनना
आय के अनुसार गलत फॉर्म भरने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है और दोबारा फाइल करना पड़ सकता है।

2. आय छुपाना
सभी स्रोतों से हुई कमाई का सही खुलासा न करने पर विभाग नोटिस भेज सकता है।

3. गलत क्लेम करना
HRA या डोनेशन जैसे फर्जी या गलत दावे टैक्स जांच का कारण बनते हैं।

4. AIS और फॉर्म 26AS का मिलान न करना
डेटा में अंतर होने पर आयकर विभाग रिटर्न में गड़बड़ी पकड़ सकता है।

5. देरी से ITR फाइल करना
ड्यू डेट के बाद फाइलिंग से जुर्माना और रिफंड में देरी हो सकती है।

6. रिटर्न को वेरीफाई न करना
फाइलिंग के बाद 30 दिन के भीतर वेरिफिकेशन जरूरी है, वरना रिटर्न अमान्य हो सकता है।

7. गलत बैंक डिटेल देना
गलत खाता या IFSC कोड होने पर रिफंड अटक सकता है।

8. गलत टैक्स रिजीम चुनना
ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम की गलत समझ से ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है।

9. कैपिटल गेन की जानकारी न देना
शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी की बिक्री से हुई कमाई छुपाना भारी पड़ सकता है।

10. पुरानी नौकरी की आय न जोड़ना
जॉब बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी और TDS की जानकारी देना जरूरी है।

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का कहना है कि ITR फाइलिंग में पारदर्शिता और सही जानकारी देना सबसे जरूरी है। छोटी सी गलती भी नोटिस, जुर्माना या रिफंड में देरी की वजह बन सकती है।

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