14 अगस्त को गूंजेगी विभाजन की स्मृतियों की गाथा, छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’

एमसीबी|  भारत विभाजन की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से आगामी 14 अगस्त 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ में ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ गरिमापूर्ण तरीके से मनाया जाएगा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य देश के विभाजन की ऐतिहासिक घटनाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराना, विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस और संघर्ष को श्रद्धांजलि देना तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को मजबूत करना है।

जिलों में आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम

निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में भारत विभाजन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों में विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन, विभाजन की त्रासदी में दिवंगत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन तथा जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

कार्यक्रमों के तहत विभाजन पीड़ितों की स्मृति में कैंडल मार्च, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, परिचर्चा, प्रदर्शनी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

युवाओं को इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर

संस्कृति विभाग ने युवाओं और विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए 1 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक MyGov पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

भारत सरकार द्वारा तैयार विशेष प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और संग्रहालयों में किया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को राज्य स्तर पर भी स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा।

‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम्’ अभियान की होगी निगरानी

संस्कृति विभाग ने सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। साथ ही ‘हर घर तिरंगा एवं वंदे मातरम् कार्यक्रम-2026’ के सफल क्रियान्वयन के लिए गतिविधियों की जानकारी निर्धारित प्रपत्रों में संकलित की जाएगी।

तिरंगा यात्रा, रैली, तिरंगा मेला, संगीत कार्यक्रम, तिरंगा प्रतिज्ञा, सेल्फी अभियान, कैनवास हस्ताक्षर अभियान, तिरंगा दौड़, मैराथन और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन जैसे कार्यक्रमों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

गरिमापूर्ण आयोजन के लिए निर्देश

आयोजन से संबंधित फोटो और वीडियो संस्कृति विभाग को निर्धारित माध्यमों से भेजे जाएंगे। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने डॉ. अभिलाष बेहार को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी तथा श्री सतीश कश्यप को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

संस्कृति विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन प्रभावी और गरिमापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि विभाजन के इतिहास, संघर्ष और बलिदान की स्मृतियां नई पीढ़ी तक पहुंच सकें और राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश मजबूत हो।

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