किरंदुल। किरंदुल नगर के प्रमुख मार्ग गौरवपथ की बदहाल स्थिति से लंबे समय से राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। करीब 12 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क महज पांच साल में ही जगह-जगह से जर्जर हो गई, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। नवरात्रि पर्व को देखते हुए अब किरंदुल नगर पालिका परिषद ने सड़क की मरम्मत का अभियान शुरू कर दिया है।
नगर पालिका की टीम ने गौरवपथ पर जेसीबी, ट्रैक्टर और मैनपावर लगाकर गड्ढों को भरने का काम तेज कर दिया है। सड़क को जल्द से जल्द आवागमन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
अध्यक्ष और सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष रूबी शैलेंद्र सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशि भूषण महापात्र मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को गड्ढों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करने और त्योहार से पहले सड़क की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
नगर पालिका अध्यक्ष रूबी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि नगरवासियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन पालिका की प्राथमिकता है। गौरवपथ की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नवरात्रि से पहले गड्ढों को भरने का काम शुरू कराया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए सड़क को सुगम बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
बड़े गड्ढों की प्राथमिकता से हो रही मरम्मत
सीएमओ शशि भूषण महापात्र ने बताया कि गौरवपथ पर जहां भी बड़े गड्ढे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि को देखते हुए सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
12.58 करोड़ की सड़क पांच साल में कैसे हुई जर्जर?
गौरवपथ की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग यानी PWD की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब सड़क के निर्माण पर 12 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च किए गए थे, तो महज पांच साल में सड़क की हालत इतनी खराब कैसे हो गई?
स्थानीय नागरिकों ने सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका सवाल है कि जिस सड़क का निर्माण PWD के माध्यम से कराया गया, उसकी मरम्मत के लिए नगर पालिका को अपनी मशीनरी और कर्मचारियों को क्यों लगाना पड़ रहा है।
पालिका की पहल से लोगों को राहत की उम्मीद
फिलहाल नगर पालिका द्वारा शुरू किए गए मरम्मत अभियान से स्थानीय लोगों को राहत की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि के दौरान गौरवपथ पर आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में समय रहते गड्ढों की मरम्मत होने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी राहत मिल सकती है।
हालांकि, स्थानीय लोगों के सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सड़क की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है और भविष्य में गौरवपथ को दोबारा जर्जर होने से बचाने के लिए स्थायी समाधान क्या किया जाता है।