स्कुल का पहला दिन बच्चे,के साथ माता पिता के लिए भी अहम होता है 

अगर आपका बच्चा पहली बार स्कूल जा रहा है, तो परेशान ना हो बस कुछ बातों का ध्यान रखें ताकि उसे स्कूल में कोई दिक्कत न आए :
आपके बच्चे का नर्सरी क्लास में एडमिशन हो गया है, तो लाजिमी है कि इन दिनों आप लगातार इसी फिक्र में घुल रहे होंगे। सोच रहे होंगे कि बच्चे को क्या पहनाएं, किस तरह का बैग लें, हेयर कटिंग कैसी हो, टिफिन में क्या भेजें वगैरह। ऐसी कशमकश उन माता में ज्यादा देखने को मिलती है, जो पहली बार बच्चे को स्कूल भेज रहे होते हैं। आखिर हो भी क्यों न, उनका भी तो यह पहला अनुभव होता है, जिससे वह कई चीजों को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं।
। बच्चे को स्कूल में कोई दिक्कत न आए, वह क्लास में किसी वजह से दूसरे बच्चों से पीछे न रहे, यह दबाव माता पिता को रहता ही है है। इसके चलते वे बच्चे को लेकर कभी- कभार ओवर प्रोटेक्टिव भी हो जाते हैं।
अभी हाल ही में अपने बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिला चुकी अंकिता भदौरिया का कहना है की काफी रोमांच भरा होता है बच्चे के स्कूल का पहला दिन। अंकिता भदौरिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा इसके लिए मैंने काफी नेट सर्च भी किया है। दूसरे पैरंट्स से बात की है, वे अपने बच्चे के लिए क्या कर रहे हैं। इसके बाद ही उसके स्कूल की चीजों की शॉपिंग की।
अगर आपका बच्चा भी पहली बार स्कूल जा रहा है, तो परेशान न हों, बस रखें कुछ बातों का ध्यान
– अगर स्कूल यनिफॉर्म है, फिर तो कोई झंझट नहीं। अगर नहीं है, तो रोजाना साफ- सुथरी ड्रेस पहनाकर भेजें। चूंकि बच्चा अभी छोटा है, तो बैग में नैपकिन जरूर रखें, ताकि हाथ गंदे होने पर वह साफ कर पाए।
– बच्चे का आई कार्ड जेबपर रखना कतई न भूलें।यह आपके बच्चे की आइडेंटिटीहै। दरअसल, इसमेंबच्चेकी क्लास, सेक्शन वगैरह लिखा होता है। अगर बच्चा क्लास सेबाहर कहीं निकल भी गया और वापस क्लास में नहीं पहुंच पा रहा है, तो इसकी हेल्प से स्कूल में कोई भी उसे उसकी क्लास तक पहुंचा देगा।
बच्चे के लिए 8 से 10 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। इसलिए रात को उसे उसी हिसाब से सुलाएं।अगर उसकी नींद पूरी नहीं  होगी, तो दिन भर आलस मे रहेगा
बच्चे का स्कूल टिफिन हेल्दी तो हो और बच्चा भी खुशी से खाले।।टिफिन में उसकी मनपसंद चीजें रखें
– घर आकर एक बार उससे दिन भर की गतिविधियों पर जरूर बात करें। इससे बच्चा अपने       दिनभर के स्कुल के अनुभव को आपसे शेयर करेगा
– उसकी सभी चीजों को गौरसे सुनें।अच्छी चीजों पर उसकी तारीफ करें। लेकिन गलत चीजोंपर डांटे नहीं और नही उस समय रिएक्ट करें।फिर कभी जब बच्चा अच्छे मूड में हो, तो उसे प्यार से उस बात को  लेकर गलत व सही समझाएं।
– उससे उसकी फ्रेंड्स केबारे मेंभी बातचीत करते रहें।
अगर बच्चा किसी वजह से परेशानहै, तो उस समय उसे समस्या को हल करने का सही तरीका बताएं। एक-दोबार ऐसे अनुभव केबाद उसमें समस्याओं से लड़ने की ताकत आजाएगी और फिर वह बड़ी से बड़ी दिक्कतें भी बिना किसी तनाव के हल कर लेगा।

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