महिला सशक्तिकरण से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना: CM विष्णु देव साय

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और महिला सशक्तिकरण विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार एवं नेतृत्वकर्ता बनाना है।

मुख्यमंत्री साय रविवार को राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता मिली है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। सरकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पात्र महिलाएं दस्तावेजों या तकनीकी त्रुटियों के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहें।

लक्ष्य से आगे बढ़कर 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ स्थायी आजीविका और उद्यमिता से जोड़ना भी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी पहल के तहत छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर उपलब्धि हासिल की है।

प्रदेश में 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 14 लाख ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं, 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

इन समूहों की महिलाओं को कृषि आधारित व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु वनोपज, डेयरी, मशरूम उत्पादन, मिलेट प्रसंस्करण, सिलाई और रेडीमेड वस्त्र निर्माण जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है। सरकार उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे रही है, ताकि महिलाएं सफल उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार दे सकें।

481 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ये केंद्र ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से प्रदेश की 39.73 लाख महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं, रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान है।

बस्तर में बंद 421 स्कूल फिर शुरू, बेटियों की शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बेटी के सपनों की राह में दूरी, गरीबी या असुरक्षा बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में छात्रावासों, आश्रमों, आवासीय विद्यालयों और प्रयास संस्थानों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल हिंसा के कारण लंबे समय तक बंद रहे 421 स्कूल फिर शुरू किए गए हैं। इन स्कूलों में दोबारा पढ़ाई शुरू होना क्षेत्र में बदलते हालात और शिक्षा के विस्तार की सकारात्मक तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं, ताकि आदिवासी अंचलों के बच्चों, विशेषकर बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अपने परिवार और गांव से दूर न जाना पड़े।

महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। गर्भवती महिलाओं, माताओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों के पोषण और किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.21 लाख वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।

सरकार का प्रयास है कि आर्थिक स्थिति या गांव की दूरी किसी भी महिला के उपचार में बाधा न बने और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें।

आईटी और एआई सहित आधुनिक क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, चिकित्सा, खाद्य प्रसंस्करण और टेक्सटाइल जैसे आधुनिक क्षेत्रों से जोड़ना आवश्यक है। राज्य की नई औद्योगिक नीति में महिलाओं के रोजगार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि निर्णय लेने और नेतृत्व करने में समान भागीदारी भी है। पंचायतों और स्थानीय निकायों से लेकर प्रशासन और उद्यमिता तक महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर मिलने चाहिए।

खेलों में भी छत्तीसगढ़ की बेटियां बढ़ा रहीं प्रदेश का गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रही हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि संसाधनों या आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपने सपनों से समझौता न करना पड़े।

उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नति और 30 लाख रुपये की सम्मान राशि दिए जाने का उल्लेख किया। वहीं, कोरबा की संजू देवी रावत को भारतीय महिला कबड्डी टीम की उपलब्धियों में योगदान के लिए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की किरण पिस्दा का भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम में चयन हुआ है। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल रहे हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं की भागीदारी से बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं, बहनें और बेटियां प्रदेश की वास्तविक शक्ति हैं। सरकार गरीब, महिला, किसान और युवा को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने युवाओं और बेटियों से बड़े सपने देखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और कौशल विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, कृषि आधारित व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वनोपज, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के साथ विकास की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगी, तभी विकसित एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, हिंदी खबर की ब्यूरो हेड निशा द्विवेदी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

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