रायपुर | प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जशपुर जिले के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, नियमित उपचार, पोषण सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले के सभी पीवीटीजी टीबी मरीजों को उपचार अवधि के दौरान नियमित रूप से निक्षय पोषण आहार किट उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का वितरण और परामर्श भी दे रहे हैं।
इसी अभियान के तहत 1 अगस्त को बगीचा विकासखंड के गायबुड़ा, महादेवजोबला, रोकड़ापाठ और भट्टीकोना गांवों में नव-पंजीकृत चार टीबी मरीजों के घर स्वास्थ्य टीम पहुंची। इस दौरान मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गई, पीवीटीजी हेल्पडेस्क के सहयोग से स्वास्थ्य जांच की गई तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी टीबी स्क्रीनिंग की गई।
स्वास्थ्य दल ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों की पहचान, नियमित रूप से दवा लेने, उपचार बीच में नहीं छोड़ने और समय पर जांच कराने के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान से समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है और टीबी उन्मूलन सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी लोगों की भागीदारी मजबूत हुई है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जशपुर को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए पोषण सहायता और जनजागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।