नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। संसद ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के तहत शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाई जाएगी।
वर्तमान व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत क्षमता है। नए प्रावधान के बाद यह संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी। सरकार ने यह कदम लंबित मामलों के बढ़ते बोझ और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
चार नए न्यायाधीशों के पद बढ़ेंगे
केंद्र सरकार के प्रस्ताव के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में चार अतिरिक्त न्यायाधीशों के पद जोड़े जाएंगे। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आने और लंबित मामलों के निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।
लंबित मामलों को कम करने की कोशिश
कानून मंत्रालय के अनुसार, न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ाना और न्याय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करना है। बढ़ते मुकदमों के दबाव को देखते हुए न्यायिक क्षमता में विस्तार को जरूरी माना जा रहा है।
संसद में बिना बहस पास हुआ बिल
रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा ने इस विधेयक को सोमवार को बिना चर्चा के पारित किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
सरकार का मानना है कि अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति से शीर्ष अदालत में मामलों की सुनवाई को गति मिलेगी और आम लोगों को समय पर न्याय मिलने में सहायता होगी।