भारत | भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 1 फीसदी नीचे खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 740 अंक से ज्यादा टूटकर 74,160 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 264 अंक गिरकर 23,231 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में कुछ ही मिनटों के भीतर करीब 5 लाख करोड़ रुपये घट गया और लगभग 478 लाख करोड़ रुपये रह गया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। वहीं एलएंडटी, एटर्नल, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, सन फार्मा और एचडीएफसी बैंक भी दबाव में रहे।
दूसरी तरफ टेक महिंद्रा और इंफोसिस के शेयरों में करीब 1 फीसदी तक की तेजी देखी गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी में 3.5 फीसदी से ज्यादा और निफ्टी मेटल में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स समेत कई अन्य सेक्टर भी लाल निशान में रहे।
बाजार क्यों गिरा?
बाजार में इस तेज गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल को लेकर है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 6 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है और कंपनियों की लागत के साथ-साथ महंगाई पर भी दबाव डाल सकती है।
इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी और रुपये में कमजोरी ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 27 पैसे कमजोर होकर 95.79 के स्तर पर पहुंच गया।
IPO की तरफ बढ़ रहा निवेशकों का रुझान
बाजार में गिरावट की एक वजह घरेलू स्तर पर बढ़ता IPO मार्केट भी माना जा रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार के मुताबिक, कई IPO में भारी सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग गेन की उम्मीद के चलते निवेशकों का पैसा नए इश्यू की तरफ जा रहा है।
11 सितंबर को कई कंपनियों के IPO खुले हैं, जिनमें रेंटोमोजो, मानिका प्लास्टेक, वीगलैंड डेवलपर्स, मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस, करमतारा इंजीनियरिंग, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया), स्टीमहाउस इंडिया और एलसीसी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और मध्य पूर्व का तनाव शेयर बाजार के लिए अहम फैक्टर रहेंगे। अगर ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 108 डॉलर के आसपास या इससे ऊपर बना रहता है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी रहेगी।