मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला मंगलवार, 29 सितंबर को भी जारी रहा। सोमवार की भारी बिकवाली के बाद मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही Sensex 600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 22,600 के स्तर के नीचे चला गया। सुबह करीब 10 बजे Sensex 72,149 के आसपास और Nifty 22,595 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सोमवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट
इससे पहले सोमवार को Sensex 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 50 में 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी की गिरावट आई और यह 22,780.25 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
मंगलवार को भी शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव बना रहा। सुबह 10:01 बजे Sensex 622.71 अंक गिरकर 72,149.01 और Nifty 184.85 अंक टूटकर 22,595.40 पर कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से दबाव
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं। मंगलवार को Brent crude करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर भी बाजारों पर दबाव देखा गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और ऊंचे तेल दामों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी जारी
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। 28 सितंबर को FII ने भारतीय इक्विटी में करीब 5,353 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब 5,189 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
बैंकिंग और अन्य सेक्टर पर दबाव
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय शेयरों समेत कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank, Tata Motors, Tata Steel और Bajaj Finance जैसे शेयर दबाव में रहे।
सोमवार को भी व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई थी और सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे।
आगे बाजार की नजर किन संकेतों पर?
फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। इन वैश्विक संकेतों के बीच मंगलवार के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहा।