मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना को लेकर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) में बगावत की खबरों के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बागी सांसदों को कड़ी चेतावनी दी है।
संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कुछ सांसदों ने पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच शपथ ली है कि वे शिवसेना के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर शपथ लेने के बाद भी कोई पार्टी छोड़ता है तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।
राउत ने कहा कि जिन सांसदों को जाना है, वे पहले इस्तीफा देकर जाएं, क्योंकि वे शिवसेना के टिकट और संगठन के समर्थन से चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट अभी भी एकजुट है और किसी सांसद ने आधिकारिक रूप से पार्टी छोड़ने की जानकारी नहीं दी है।
उन्होंने कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को पार्टी बदलने के लिए करोड़ों रुपये का ऑफर दिया जा रहा है। राउत ने दावा किया कि हर सांसद को 15-15 करोड़ रुपये देने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इनमें ओमराजे निंबालकर, नागेश पाटील आष्टीकर, संजय उत्तमराव देशमुख, संजय बंडू जाधव, संजय दीना पाटिल और राजाभाऊ वाजे के नाम सामने आ रहे हैं।
राउत ने बताया कि पार्टी ने व्हिप जारी किया है और संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष को भी पत्र भेजा गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2022 में भी शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 40 विधायक अलग हो गए थे। इसके बाद उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी और शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। अब सांसदों की संभावित बगावत ने राज्य की राजनीति में नया संकट खड़ा कर दिया है।