धमतरी । सेवानिवृत्ति केवल शासकीय सेवा से विदाई नहीं, बल्कि वर्षों की जिम्मेदारियों और अनुभवों से भरे सफर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का नाम है। इसी भावना के साथ सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी में सात शासकीय सेवकों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
30 सितंबर को अधिवार्षिकीय सेवा आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए सात कर्मचारियों को जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने पेंशन प्राधिकार पत्र, विभिन्न देय स्वत्वों के स्वीकृति आदेश और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
सात कर्मचारियों को मिला सम्मान
सम्मानित होने वाले कर्मचारियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोरम के प्राचार्य शंकर लाल देवांगन, शासकीय हाईस्कूल सोरम की व्याख्याता ज्योति बिबियाना मिंज, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला संकरी के व्याख्याता हरिराम गेंडरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अटंग के व्याख्याता जीवन लाल साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिरसिदा के शिक्षक सुभाषचंद नागे, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भटगांव के शिक्षक गोविन्द राम मीनपाल तथा शासकीय हाईस्कूल गुहाननाला के सहायक ग्रेड-3 मोरजध्वज मरकाम शामिल हैं।
पौधा बना नई शुरुआत का प्रतीक
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पौधे भेंट करना विशेष आकर्षण रहा। पौधे को सेवा के बाद जीवन के नए चरण की शुरुआत और भविष्य के प्रति सकारात्मक संदेश के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय दायित्वों से विराम जरूर है, लेकिन सेवा के दौरान अर्जित अनुभव और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना कभी समाप्त नहीं होती।
समय पर मिला पेंशन प्राधिकार पत्र
सेवानिवृत्ति के साथ पेंशन और अन्य देय स्वत्वों की प्रक्रिया पूरी होना कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। कार्यक्रम में समय पूर्व पेंशन प्राधिकार पत्र और विभिन्न देय स्वत्वों के स्वीकृति आदेश मिलने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने संतोष व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
विभाग द्वारा सेवानिवृत्ति प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर कर्मचारियों को उनके देय लाभ उपलब्ध कराने की पहल से सेवा के बाद भी कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील प्रशासन का संदेश सामने आया।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त हुए चार शासकीय सेवकों को भी पेंशन प्राधिकार पत्र जारी कर सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम में डॉ. रवीन्द्र नाथ मिश्र, यदुनंदन सिंह वर्मा, सहायक संचालक कीर्तिकुमार साहू, पेंशन शाखा प्रभारी रूपेन्द्र कुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा का एक अध्याय भले ही समाप्त हो गया, लेकिन वर्षों से अर्जित अनुभव सेवानिवृत्त नहीं होता। यही अनुभव परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए आगे भी उपयोगी बना रहता है।