मुंबई |बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डों (एयरपोर्ट्स) पर स्थित ड्यूटी-फ्री दुकानें (DFS) देश के घरेलू कानूनों और नियामक दायरे से बाहर नहीं हैं। अदालत के इस आदेश के बाद अडानी समूह द्वारा संचालित मुंबई एयरपोर्ट की ड्यूटी-फ्री दुकानों पर निकोटिन पाउच की बिक्री पर रोक बरकरार रहेगी।
प्रमुख बिंदु:
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ड्यूटी-फ्री दुकानों को कोई छूट नहीं: अदालत ने स्पष्ट किया कि हालांकि ड्यूटी-फ्री दुकानों को सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) और करों से छूट मिल सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य घरेलू विनियामक कानूनों (Regulatory Laws) के दायरे से भी बाहर हो जाएंगी।
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अडानी समूह की दलील खारिज: अडानी समूह के स्वामित्व वाली कंपनी ने कोर्ट में तर्क दिया था कि अंतरराष्ट्रीय रवानगी क्षेत्रों (International Departure Areas) में स्थित दुकानें भारत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और निकोटिन पाउच एक ‘नया उत्पाद’ है। हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय क्षेत्र में लाई जाने वाली ऐसी वस्तुएं देश के कानूनों के अधीन होंगी।
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सीडीएससीओ (CDSCO) के पास जाने की छूट: अदालत ने हालांकि यह तय करने से इनकार कर दिया कि निकोटिन पाउच तकनीकी रूप से ‘ड्रग’ (औषधि) की श्रेणी में आते हैं या नहीं, और इसके लिए संबंधित पक्षों को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के समक्ष उचित दस्तावेज और प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करने की छूट दी है।
इस फैसले को ड्यूटी-फ्री खुदरा बिक्री और तंबाकू-विकल्प उत्पादों के नियंत्रण के मामले में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।