सत्यमेव जयते फाउंडेशन ने सहारा समूह की जमीनों के विक्रय पर रोक लगाने रायपुर कलेक्टर को 20 दिसंबर को सौंपा ज्ञापन

मामला प्रदेश में सहारा निवेशकों की में मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बावजूद कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किए जाने का
सत्यमेव जयते फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने दिया ज्ञापन
सक्ती-सत्यमेव जयते फाउंडेशन छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई के संयोजक, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ महामंत्री तथा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के छाया कांग्रेस विधायक कन्हैया अग्रवाल रायपुर ने 20 दिसंबर 2021 को रायपुर जिला कलेक्टर सौरभ कुमार को एक ज्ञापन प्रेषित कर सहारा समूह की जमीनों के विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है,इस संबंध में सत्यमेव जयते फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने कलेक्टर को प्रेषित ज्ञापन में कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के भोले-भाले नागरिकों से धोखाधड़ी करने वाले चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्रदेश की सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है,तथा प्रदेश में विभिन्न कंपनियों की जमीनों को राजसात करने के साथ ही गिरफ्तारियां भी की गई हैं, अतः छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों के करोड़ों रुपए सहारा इंडिया में जमा है, जिसका भुगतान मैच्योरिटी अवधि पूर्ण होने के बावजूद वर्षों से नहीं किया जा रहा है, तथा सहारा कंपनी के अधिकारियों द्वारा घुमाया जा रहा है, अतः सहारा समूह की सैकड़ों एकड़ जमीन जो कि नया रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र में स्थापित है, एवं इन जमीनों के विक्रय किए जाने की सूचना लगातार मिल रही है, अतः निवेदन है कि सरकार जनता की भावनाओं एवं जनहित को देखते हुए सहारा समूह की इन जमीनों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने का आवश्यक दिशा- निर्देश जारी करें,जिससे हमारे प्रदेश के हजारों ऐसे परिवार जिन्होंने सहारा समूह की विभिन्न योजनाओं में अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई जमा की हुई है, उनकी राशि समय पर वापस हो सके तथा उनको राशि प्राप्त करने के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाना पड़े, प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल रायपुर ने कहा है कि आज सहारा समूह की विभिन्न योजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ प्रदेश के ही हजारों- लाखों लोग अपने बांड की अवधि पूरी होने के बावजूद जिला उपभोक्ता न्यायालय की शरण में जा रहे हैं, तथा इन बातों को लेकर प्रदेश के अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ की विधानसभा तथा देश की सर्वोच्च संसद में भी इस मामले को उठाया है, किंतु आज इन सभी के बावजूद सहारा के खाते धारक अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं एवं इन खाताधारकों को संरक्षण देने वाला कोई नहीं है, ज्ञात हो कि सत्यमेव जयते फाउंडेशन की इस पहल का लोगों ने स्वागत किया है,तथा खाता धारको ने कहा है कि यदि सहारा की जमीनों की बिक्री पर रोक लगा दी जाए तो जैसा कि जन चर्चा में सुनने को आ रहा है,की कंपनी इन जमीनों को बेचने की फिराक में है,तथा इस पहल पर खाताधारकों का आने वाले समय में भुगतान होने की संभावनाएं बन सकती है, उल्लेखित हो कि अकलतरा के विधायक सौरभ सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सहारा निवेशकों के भुगतान का मामला प्रमुखता से विधानसभा में उठाया था, वही बिलासपुर लोकसभा के सांसद अरुण साव ने भी देश की सर्वोच्च संसद में सहारा निवेशकों के भुगतान को लेकर अपनी बातें रखी थी,तथा इन सभी के बावजूद जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि सहारा निवेशकों के भुगतान को लेकर आगे आएं तथा पहल करें

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