नई दिल्ली | ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की S-400 यूनिट ने पाकिस्तान के एक स्पेशल-मिशन एयरक्राफ्ट को करीब 314 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाकर नष्ट किया।
रक्षा मंत्रालय ने यह रिपोर्ट 13 सितंबर को जारी की। रिपोर्ट में इस कार्रवाई को भारत की ओर से किए गए सबसे लंबी दूरी के जमीन से हवा में मार करने वाले हमलों में से एक बताया गया है।
314 किलोमीटर दूर था टारगेट
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी स्पेशल-मिशन एयरक्राफ्ट भारतीय सीमा से काफी दूर था। इसके बावजूद भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे ट्रैक कर निशाना बनाया। इस कार्रवाई में S-400 की लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह सैन्य कार्रवाई 7 से 10 मई 2025 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान हुई थी। भारत ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया था।
S-400 भारत के एयर डिफेंस की अहम कड़ी
S-400 रूस में निर्मित लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइल जैसे हवाई खतरों को दूर से ट्रैक कर उन्हें निशाना बनाने में सक्षम है।
भारत ने 2018 में रूस के साथ पांच S-400 सिस्टम खरीदने के लिए करीब 5.43 अरब डॉलर का समझौता किया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस सिस्टम की भूमिका को लेकर अब रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
IACCS से जोड़ी गई एयर डिफेंस की जानकारी
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने केवल S-400 पर निर्भर रहने के बजाय अपने व्यापक एयर डिफेंस नेटवर्क का इस्तेमाल किया। इसमें IACCS यानी Integrated Air Command and Control System की अहम भूमिका रही।
इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग रडार और सर्विलांस सेंसर से मिलने वाली जानकारी को एक साथ जोड़कर आसमान में मौजूद विमानों और दूसरे हवाई खतरों की तस्वीर तैयार की जाती है। इससे सैन्य अधिकारियों को यह पहचानने में मदद मिलती है कि कौन सा विमान दुश्मन का है और कौन सा नागरिक विमान।
पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी बनाया गया निशाना
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। रिपोर्ट में चकला, रहीम यार खान, सुक्कुर, मुरीद, सरगोधा, जैकोबाबाद और भोलारी जैसे इलाकों का उल्लेख किया गया है।
इस दौरान भारतीय एयर डिफेंस नेटवर्क का उद्देश्य पाकिस्तानी हवाई खतरों पर नजर रखने के साथ-साथ नागरिक विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी था।
रूस के साथ S-400 सहयोग भी चर्चा में
S-400 को लेकर यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लगातार चर्चा में है। हालिया उच्चस्तरीय वार्ताओं में S-400 की शेष डिलीवरी, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जानकारी सामने आई है।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आया 314 किलोमीटर वाला दावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता के इस्तेमाल को रेखांकित करता है।