रायपुर । छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर तथा रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। नई रेल सेवाओं से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों की राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंची रेल
ताड़ोकी से रावघाट तक 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत वाली दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है।
रेल संपर्क स्थापित होने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना केवल एक परियोजना का पूरा होना नहीं, बल्कि बस्तर के विकास की नई यात्रा की शुरुआत है। रेल नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय लोगों की बाजारों तक पहुंच आसान होगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।
छत्तीसगढ़ में 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में करीब 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वहीं, चालू वर्ष में छत्तीसगढ़ को रेलवे के लिए 7,470 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख रेल नेटवर्क तथा आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
रायपुर-कुरूद रेल सेवा से धमतरी तक कनेक्टिविटी की उम्मीद
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में रेल परिवहन को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और धमतरी के बीच पहले नैरो गेज रेल सेवा संचालित होती थी। अब ब्रॉडगेज में परिवर्तन से यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कुरूद से धमतरी तक शेष कार्य पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का रास्ता और आसान होगा।
2014 के बाद बिछाईं गईं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में लगभग 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन, दोहरीकरण, विद्युतीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जिनमें से आठ स्टेशन तैयार हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ संबंधित क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी
कार्यक्रम में रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव सुविधा की आधारशिला रखी गई। इस परियोजना के पूरा होने पर 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।
इससे रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था बेहतर होने, परिचालन क्षमता बढ़ने और माल परिवहन की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा छत्तीसगढ़ में रेलवे की आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ना राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। बेहतर रेल संपर्क से विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों और उत्पादकों को बड़े बाजारों तथा युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा और डोंगरगढ़-कटघोरा जैसी रेल परियोजनाएं प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरकार का उद्देश्य विकास की सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में रेल नेटवर्क का विस्तार क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को व्यापक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने नई रेल परियोजनाओं और सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी, भोजराज नाग, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद एवं विधायक विक्रम उसेंडी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।