नई दिल्ली । जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत का प्रमोशन कर दिया गया है। ACP पद पर तैनात विवेक भगत को अब एडिशनल डीसीपी बनाया गया है। उनके प्रमोशन की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।
तीन महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप
जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इनमें विवेक भगत का नाम भी शामिल है।
एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की कवरेज के दौरान विवेक भगत ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया, उन्हें धक्का दिया और उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया था कि उसे तीन महिला पत्रकारों की ओर से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। पुलिस के मुताबिक मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
अभी FIR दर्ज नहीं
महिला पत्रकारों की शिकायतों के बावजूद मामले में विवेक भगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। जांच फिलहाल क्राइम ब्रांच कर रही है।
इसी बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने दिल्ली पुलिस पर अधिकारी को बचाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई, एफआईआर दर्ज करने और निलंबन की मांग की है।
प्रमोशन की टाइमिंग पर विवाद
आरोपों और कार्रवाई की मांग के बीच विवेक भगत के प्रमोशन की खबर सामने आने से इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह रेगुलर प्रमोशन प्रक्रिया का हिस्सा है और प्रमोशन के लिए आवेदन काफी पहले भेजा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक विवेक भगत के अलावा 11 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी प्रमोशन दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रमोशन मौजूदा विवाद से पहले शुरू हुई नियमित प्रक्रिया के तहत हुआ है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
विवेक भगत के प्रमोशन के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस तेज हो गई है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने प्रमोशन पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या यह यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच किसी तरह का ‘रिवॉर्ड’ है।
फिलहाल महिला पत्रकारों की शिकायतों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।