नई दिल्ली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए दिल्ली पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अब दिल्ली के सभी थानों में हर शनिवार को ‘थाना दिवस-जनसुनवाई’ आयोजित की जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत नागरिक हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सीधे थाने पहुंचकर अपनी शिकायतें, सुझाव और पुलिस से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। इसका उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करना है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस से लेकर ACP स्तर तक के अधिकारी रोटेशन के आधार पर मौजूद रहेंगे। खास बात यह है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए अब ICMS (Integrated Complaint Management System) में पहले से शिकायत दर्ज होना जरूरी नहीं होगा। नागरिक सीधे थाने पहुंचकर अपनी समस्या बता सकेंगे।
पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का समयसीमा के भीतर निपटारा किया जाए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
थानों में होंगी बेहतर सुविधाएं
दिल्ली पुलिस ने सभी थानों में नागरिकों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सहायता डेस्क, बैठने की सुविधा और आम लोगों के अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। SHO, ACP और DCP स्तर के अधिकारियों को इस पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि जनसुनवाई के दौरान शिकायतों को नजरअंदाज करने या समाधान में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसके अलावा पुलिस इस पहल का प्रचार RWA, मार्केट एसोसिएशन, सोशल मीडिया और बीट स्टाफ के माध्यम से करेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
अपराध नियंत्रण के लिए पैदल गश्त पर जोर
दिल्ली पुलिस ने अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की ज्वाइंट फुट पेट्रोलिंग भी अनिवार्य कर दी है। DCP, ADCP और ACP स्तर के अधिकारी सप्ताह में वीकेंड समेत तीन दिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक अपने क्षेत्रों में पैदल गश्त करेंगे।
इस दौरान अधिकारी स्थानीय व्यापारियों, RWA और मार्केट एसोसिएशन के साथ बैठक कर क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक जाम कम करने और सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था सुधारने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।