तिल्दा-नेवरा। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तिल्दा-नेवरा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। गणेशोत्सव समितियां भव्य पंडालों को आकर्षक रूप देने में जुटी हैं, वहीं घरों में गणेश प्रतिमा स्थापित करने वाले परिवार भी तैयारियों में लगे हुए हैं।
पंडालों में रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सज्जा और आकर्षक साज-सज्जा का काम शुरू हो गया है। गणेश चतुर्थी के नजदीक आते ही बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ने लगी है।
प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार
गणेश चतुर्थी के लिए अब कुछ ही दिन शेष रहने के कारण नगर और आसपास के क्षेत्रों में मूर्तिकार गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक निर्माण, रंग-रोगन और सजावट का काम तेजी से चल रहा है। प्रतिमाओं की बुकिंग और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
तिल्दा-नेवरा के शंकर वार्ड क्रमांक-1 स्थित सासाहोली में मां जगत जननी मूर्तिकला कला केंद्र के मूर्तिकार उमेन्द्र चक्रधारी पिछले करीब 20 वर्षों से गणेश भगवान के साथ मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। अपनी कलात्मक प्रतिमाओं के चलते उन्होंने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।

रंग-रोगन और सजावट का काम अंतिम चरण में
मूर्तिकार उमेन्द्र चक्रधारी ने बताया कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। पर्व को देखते हुए गणपति बप्पा की विभिन्न आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकांश प्रतिमाओं का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल रंग-रोगन व अंतिम सजावट का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष रंग-रोगन और अन्य सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसके चलते प्रतिमाओं के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद लोगों में गणेश प्रतिमाओं को लेकर उत्साह बना हुआ है। कई लोगों ने पहले से ही प्रतिमाओं के ऑर्डर दे दिए हैं और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो चुका है।

बाजार में सजीं विभिन्न आकार की प्रतिमाएं
तिल्दा-नेवरा के बाजार में भी गणपति बप्पा की विभिन्न आकार की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध होने लगी हैं। घरों में स्थापना के लिए छोटी प्रतिमाओं से लेकर गणेशोत्सव समितियों के पंडालों के लिए बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
गणेशोत्सव को लेकर समितियों के सदस्यों के साथ-साथ बच्चों में भी खासा उत्साह है। श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित करने और पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
नगर और ग्रामीण अंचलों में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में भी पर्व की रौनक बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में प्रतिमाओं की खरीदारी, पंडाल निर्माण और सजावट का काम और तेज होने की उम्मीद है।