जापान । भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला इंडिविजुअल गोल्फ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल राउंड में प्रणवी ने सिंगापुर की शैनन टान पर एक स्ट्रोक की बढ़त बनाए रखते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चार राउंड के बाद प्रणवी का कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा।
आखिरी राउंड में की शानदार वापसी
प्रणवी की शुरुआत आखिरी राउंड में अच्छी नहीं रही। तीसरे होल पर उन्होंने ट्रिपल बोगी की, जिसके चलते उन्हें इस होल को पूरा करने में पार से तीन अधिक यानी सात शॉट लगे।
हालांकि, इसके बाद प्रणवी ने शानदार वापसी की और लगातार तीन बर्डी लगाकर दबाव कम किया। उन्होंने आखिरी राउंड इवन पार 70 के स्कोर के साथ पूरा किया और अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया।
टीम इवेंट में भी भारत को सिल्वर
इंडिविजुअल गोल्ड के साथ प्रणवी ने महिला टीम स्पर्धा में भी भारत को पदक दिलाया। उन्होंने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
भारतीय टीम ने कुल 14 अंडर 546 का स्कोर किया, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया।
पुरुषों की बात करें तो भारत के लिए शिव कपूर ने 2002 बुसान एशियन गेम्स में इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता था।
कौन हैं प्रणवी उर्स?
1998 में बेंगलुरु में जन्मीं प्रणवी ने महज 5 साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। 2015 में उन्होंने लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप जीतकर यह खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनने की उपलब्धि हासिल की थी।
इसके बाद 2016 में उन्होंने प्रोफेशनल गोल्फ में कदम रखा। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रणवी ने अब एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतकर अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
कुमकुम मोहोद ने भी रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के लिए 3 अक्टूबर का दिन बेहद खास रहा। इससे पहले 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने महिला इंडिविजुअल रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीता।
कुमकुम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूटआउट में हराया। मुकाबला 5-5 की बराबरी पर खत्म होने के बाद शूटआउट में कुमकुम ने परफेक्ट 10 लगाया, जबकि येजिन 8 अंक ही हासिल कर सकीं।
इस जीत के साथ कुमकुम व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बनीं। उनकी जीत से भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए इस स्पर्धा में एक कोटा स्थान भी हासिल किया।
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत हुई है और गोल्फ तथा तीरंदाजी में मिली इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने देश के लिए यादगार दिन बना दिया है।