किरंदुल। किरंदुल और बचेली शहर में सड़क किनारे बेतरतीब ट्रक पार्किंग की समस्या को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) ने बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन, किरंदुल को पत्र लिखकर ट्रकों को शहर से बाहर पार्क कराने के निर्देश दिए हैं।
सड़क किनारे ट्रकों की पार्किंग से बढ़ी परेशानी
पुलिस द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, एसोसिएशन से जुड़े ट्रक मालिक किरंदुल और बचेली में डिवाइडर के दोनों तरफ सड़क किनारे भारी वाहन खड़े कर रहे हैं। इससे यातायात बाधित हो रहा है और आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क पर खड़े भारी वाहनों के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। अव्यवस्थित पार्किंग से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
पुलिस के मुताबिक, इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी किरंदुल और बचेली के थाना प्रभारियों के माध्यम से ट्रक मालिकों को शहर से बाहर पार्किंग करने की समझाइश दी गई थी। निर्देशों का पालन नहीं होने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कई वाहनों के चालान भी काटे गए।
इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर अब SDOP ने एसोसिएशन को पत्र जारी कर पार्किंग व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
SDOP ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा मानकों का पालन कराना और ट्रकों को शहर से बाहर खड़ा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। किरंदुल और बचेली की सड़कों के दोनों किनारों पर ट्रकों की पार्किंग नहीं होनी चाहिए।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में ट्रक मालिकों और बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
शहरवासियों को राहत की उम्मीद
पुलिस की सख्ती के बाद किरंदुल और बचेली के नागरिकों को यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि ट्रक ओनर्स एसोसिएशन निर्देशों का पालन कर वाहनों की पार्किंग शहर से बाहर सुनिश्चित करता है या नहीं।
शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के लिए भारी वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग जरूरी है, ताकि आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को आवागमन में परेशानी न हो।