नई दिल्ली/तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक निमंत्रण भेजे जाने की खबर सामने आई है, जिसमें उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े कथित राजकीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों के मुताबिक, ईरान में खामेनेई से जुड़े अंतिम विदाई कार्यक्रम 5 से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इसमें तेहरान, कोम, नजफ, करबला और मशहद जैसे शहरों में धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, इन दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार
भारत सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या किसी प्रतिनिधिमंडल को भेजा जाएगा। विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कार्यक्रम को लेकर क्या दावे हैं?
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अंतिम यात्रा 6 जुलाई को तेहरान में निकाली जाएगी और अंतिम दफन कार्यक्रम 9 जुलाई को मशहद में आयोजित किया जाएगा, जहां लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
विवाद और अनिश्चितता
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल कार्यक्रम की पुष्टि को लेकर है, क्योंकि खामेनेई की स्थिति और कथित घटनाओं को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खबर को लेकर स्पष्टता नहीं है।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें भारत सरकार के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं। अगर यह निमंत्रण औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाता है, तो यह भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जाएगा।