बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय में शुक्रवार को ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2026 का शुभारंभ स्वच्छता शपथ के साथ किया गया। मुख्य प्रशासनिक भवन स्थित आगंतुक कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रम संघ प्रतिनिधियों ने स्वच्छता को दैनिक जीवन और कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी-योजना/परियोजना, अतिरिक्त प्रभार) नृपेंद्र नाथ सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी और श्रम संघ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हर सप्ताह दो घंटे श्रमदान का संकल्प
स्वच्छता शपथ के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति सजग रहने तथा हर वर्ष 100 घंटे यानी प्रत्येक सप्ताह दो घंटे श्रमदान करने का संकल्प लिया। साथ ही कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की शपथ ली गई।

स्वच्छता और जन-जागरूकता गतिविधियों पर जोर
भारत सरकार के निर्देशानुसार अभियान के तहत एसईसीएल में विभिन्न स्वच्छता कार्यक्रमों और जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के दौरान साफ-सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ कार्यस्थल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एसईसीएल परिवार ने स्वच्छता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने और इसे दैनिक जीवन के साथ-साथ कार्यसंस्कृति में प्रभावी रूप से अपनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।