खेल | पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। साइबर क्राइम जांच के बीच अब PCB ने मोहम्मद रिजवान पर सार्वजनिक तौर पर बयान देने या मुंह खोलने पर सख्त पाबंदी लगा दी है।
क्या है पूरा विवाद?
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त मिली थी, जिसके बाद सीरीज में टीम 0-2 से पीछे हो गई थी [cite: रिजवान और इमाम सहित सात खिलाड़ियों को बीच सीरीज से ही वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के खिलाफ करप्शन और ऑनलाइन सट्टेबाजी (ऑनलाइन बेटिंग) के एंगल से जांच शुरू की।
जांच के सिलसिले में दोनों खिलाड़ियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई और इस दौरान पीसीबी की सुरक्षा टीम ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए थे, जिनकी फॉरेसिंक जांच कराई जा रही है।
रिजवान करना चाहते थे सफाई पेश, लेकिन PCB ने रोका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद रिजवान इस पूरे विवाद और अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपनी सफाई देना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (क्लॉज 4.1) के नियमों के तहत PCB से दो बार पब्लिकली बोलने की अनुमति मांगी थी।
लेकिन मोहसिन नकवी के नेतृत्व वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रिजवान को दोनों बार इसकी इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया। बोर्ड की पाबंदी के चलते अब रिजवान चाहकर भी मीडिया के सामने अपना पक्ष नहीं रख पा रहे हैं।
ICC एंटी करप्शन यूनिट का भी दरवाजा खटखटाया
इस पूरी उठापटक के बीच मोहम्मद रिजवान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) को भी एक पत्र लिखा था। इस पत्र के जरिए उन्होंने यह जानने की कोशिश की थी कि यदि किसी खिलाड़ी पर भ्रष्टाचार का शक होता है, तो क्या तय प्रक्रिया (Anti-Corruption Process) का पालन किया जाना जरूरी है? साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या बोर्ड ने इस मामले में सही प्रक्रिया अपनाई है।
फिलहाल, NCCIA की जांच और मोबाइल फोन की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि PCB इन खिलाड़ियों पर आगे क्या डिसिप्लिनरी एक्शन लेता है।